चंद्रपुर गोंडवाना गोटुल आदिवासी पेण्ठणा देवस्थान, सिनाला पुनर्वसन बसाहट क्षेत्र में स्थित पवित्र आदिवासी धार्मिक स्थल को लेकर आदिवासी समाज का सब्र अब जवाब दे चुका है। वर्षों से लंबित मांगों और लगातार हो रही अनदेखी के खिलाफ आदिवासी समाज ने WCL दुर्गापुर ओपन कास्ट परियोजना कार्यालय के सामने जोरदार और अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू कर दिया है।आदिवासी समाज का कहना है कि पिछले छह से सात वर्षों से वे सिनाला पुनर्वसन बसाहट क्षेत्र में निवास कर रहे हैं और इसी स्थान पर समाज के धार्मिक अनुष्ठान, पारंपरिक पूजा-पाठ, सामाजिक बैठकें और सांस्कृतिक कार्यक्रम नियमित रूप से होते रहे हैं। यह देवस्थान आदिवासी समाज की आस्था, परंपरा और पहचान का केंद्र है, लेकिन इसके बावजूद WCL प्रशासन द्वारा देवस्थान स्थल के लिए अब तक NOC जारी नहीं किया गया है।धरना स्थल पर बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवा मौजूद हैं। आंदोलनकारियों के हाथों में तख्तियां हैं, जिन पर “आदिवासी आस्था का सम्मान करो”, “NOC दो, न्याय दो”, “WCL होश में आओ” जैसे नारे लिखे हुए हैं। पूरे क्षेत्र में आंदोलन का माहौल गरमाया हुआ है।आंदोलन का नेतृत्व पूर्व आदिवासी महामंत्री तथा ग्राम पंचायत सदस्य सिनाला परमेश्वर बानाजी मडावी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल जमीन या कागजों का नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के धार्मिक, सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है। अगर प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को चंद्रपुर जिले के अन्य हिस्सों तक फैलाया जाएगा।आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक देवस्थान स्थल को अधिकृत मान्यता देते हुए NOC जारी नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन किसी भी कीमत पर वापस नहीं लिया जाएगा। किसी भी अप्रिय स्थिति की पूरी जिम्मेदारी WCL प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।आदिवासी समाज ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से भी हस्तक्षेप कर तत्काल इस मामले में सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है
NOC नहीं तो आंदोलन और उग्र होगा, सिनाला पुनर्वसन क्षेत्र में आदिवासी समाज का सड़कों पर गुस्सा, WCL कार्यालय के सामने जोरदार धरना जारी


